Anemia Kya hai, एनीमिया के लक्षण और उपचार क्या है ?

Hindilifecare के इस जानकारी में आज हम आपको बताना चाहते है की। हम जिस देश में है यह एक developing country hai और आप बढ़ते आबादी से तो वाकिफ है ऐसे में खाद्य आपूर्ति एक बड़ी समस्या बनी पड़ी है ।
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इसी परेशानी से हम कई बीमारियों से घिर जाते है क्यू की अच्छा आहार न मिलने की वजह से food deficiency or vitamins deficiencies mineral elements etc की वजह से हम अनेक प्रकार की बीमारी से जूझ रहे होते है ईसी में एक बीमारी anaemia bhi hai.
To आइये जाने की रक्ताल्पता क्या है कैसे होता है  symptoms etc.
सबसे पहले तो मैं आप सभी को यह बताना चाहूंगा कि हमे इसमें क्या क्या जानना है तो आइये पहले surface banate hai की इसमें हमें क्या क्या पढना और जानना है
  • ANAEMIA AND ITS DEFINITION
  • SYMPTOMS OF ANAEMIA
  • TYPES OF ANAEMIA A
  • FACTOR OF ANAEMIA 
  • TREATMENTS OF ANAEMIA
  • DIETRY SUPPLEMENTS IN ANAEMIA

Anemia क्या है (What is Anemia) ?

ANAEMIA दो शब्दों से मिलेकर बना है Ana..means NOT OR AEMA MEANS BLOOD
THATS MEANS:यह एक ऐसी बीमारी है जिसमे हमेशा blood deficiency maintain रहती है।
इसीलिए इसे हिंदी में रक्ताल्पता भी कहते है जिसका माने है ,शरीर में निरंतर खून की कमी बना रहना ।
दूसरे शब्दों में हम कह सकते है कि जब body me RBCs जिसे हम हिंदी लाल रुधिर कोशिका कहते है (red blood corpuscles }की कमी होती जाती है तो हम इस बीमारी से ग्रसित हो जाते है।या हम कह सकते है कि रक्ताल्पता वह बीमारी है जिसमे blood में hemoglobin की कमी निरंतर बनI रहता है।
 So we can say that the anaemia is the disease in which lack of blood in body continuously maintained.this maintenance of blood in body goes to the disease known as anaemia.
मतलब की ये दोस्तों अगर हमेशा ये ब्लड की कमी शरीर में बनी रहती हूं तो यही एनीमिया का symptoms show karta है।
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SYMPTOMS OF ANAEMIA

Anaemia के दी लक्षढ होते है पहला की ये एक ओ जो सभी में धीरे धीरे आती है और दूसरा ये की कुछ में रक्ताल्पता के रोग बहुत तेजी से आते है ।
अगर किसी में यह धीरे धीरे आता है तो वह अपने आपको जल्दी थका हुआ पायेगा, उसको हमेशा यह महसूस होगा की वह थका हुआ है और क्यू की ब्लड में हीम की कमी होती है तो जिससे रोगी को जल्दी जल्दी साँस लेना पड़ता है ।
और अगर यह लक्षडी किसी में तेजी से आती है तो तो ऐसे व्यक्ति को ऐसा लगता है कि ,,,वह मरने वाला है, उसकू चेतना चली जाती है,, वह प्यास का अनुभव हमेशा करता है।
ओर भी many more symptoms hai jo aise patient me dekhne ko milta hai.

एनीमिया के प्रकार (Type Of Anemia):-

There are so many types of anaemia .
Mai batana chahunga ki रक्ताल्पता बहुत टाइप की होती है । जो हम एक एक करके जानेंगे ।
  • Sickle cell anaemia
  • Haemolytic anaemia 
  • Bonemarrow associated anaemia
  • Defficiency of iron cause anaemia 
  • Vit.defficincy anaemia 
  • Chronic disease anaemiA 
  • Aplastic anaemia..
ये है कुछ रक्ताल्पता के टाइप।
Iron deficiencies anaemia:- खाने में लौह एलिमेंट की कमी से होने वाला रोग है क्यू की लौह ब्लड का यह अब्भिन्न अंग है 
Sickle cell anaemia:- यह ऐसी बीमारी है जिसमे ब्लड सेल सिकल टाइप मतलब हसिया के आकार के हो जाए है।
Hemolytic anaemia:- ये तब होता है जब लाल कोशा बनने की अपेक्षा ज्यादा destroy hote hai.
Bone marrow associated anaemia:- ये तब होता है जब हमारे लंबी हाथ पैर जी बोन्स में लाल ब्लड सेल नहीं बनती।
Vit.deff. Anemia:- इंसान को लाल रक्त कोशा बनाए रखने के लिए foliate or vit B12 KI जरुरत पद्तु है इसकी कमी से यह रोग होता है।
इस प्रकार हम एनेमिया से ग्रसित होते है।

FACTORS OF ANAEMIA:-

एनेमिया के कई करक है जिनमे लौह (iron ).,VIT.B12 और FOLIC ACID तीन मुख्या करक है। जो कमी ही जाए तो एनेमिया को बढ़ा देते है।

Anemia के उपचार ( Treatments of Anemia) ?

 इस बीमारी की उपचार के लिए पेशेंट को उचित मात्रा में ऐसे भोजन का सेवन करना चाहिए जिसमे सभी ब्लड से जुड़े सबHई करक उचित मात्रा में मौजूड हो ।इसके लिए हमें और भी चीजे अपने खाने के साथ उसे प्रयोग में लाना चाहिए जो निम्न है ।
हमें भोजन में हरे पत्ते दर सभजी का प्रयोग करे ।
आयरन कंटेंट का प्रयोग करे या अपने नजदीकी डॉ की सलाह से आप आयरन पाये जाने वाले tablets ka bhi use kar सकते है।
इस तरह हम कह सकते है कि अनैमुआ कोई बीमारी नहीं बल्कि एक हद तक हमारी लापरवाही का परिणाम है तो हमे इससे निजाद पैन के लिए अपने diet में ऐसे

Food ka इस्तेमाल करना होगा जिसमें सभी DIETRY SUPPLEMENTS   सही मात्रा में उपलब्ध हो। 

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